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अगर आप महीने में सिर्फ़ एक-दो बार ग्राहक से मिलते हैं, तो पूरा ऑफिस लेना ज़रूरी नहीं। इस लेख में समझिए कि वर्चुअल ऑफिस से कारोबारी पता और घंटे के हिसाब से मीटिंग रूम को साथ कैसे रखें, यह किनके काम आता है, और सूरत में लेने से पहले कौन से सवाल पूछें।
अगर आपका काम ज़्यादातर फ़ोन, लैपटॉप या ग्राहक के दफ़्तर से चल जाता है, पर महीने में एक-दो बार किसी से बैठकर बात करनी पड़ती है, तो पूरा ऑफिस किराए पर लेना ज़रूरी नहीं। तरीक़ा सीधा है: रोज़ के काम के लिए कारोबारी पता वर्चुअल ऑफिस से लें, और मिलना हो तभी घंटे के हिसाब से मीटिंग रूम बुक करें। यही वर्चुअल ऑफिस मीटिंग रूम का मेल है। इस लेख में समझिए कि यह कैसे चलता है, किन लोगों के लिए ठीक बैठता है, और सूरत में लेने से पहले कौन से सवाल पूछने चाहिए।
वर्चुअल ऑफिस में आप कोई जगह रोज़ इस्तेमाल नहीं करते। आपको कारोबार के लिए एक पता मिलता है, और जगह के हिसाब से डाक या रिसेप्शन जैसी सुविधाएँ जुड़ सकती हैं। मीटिंग रूम इसका उलटा है: उसमें पता नहीं मिलता, बैठने की जगह मिलती है, और वह भी कुछ घंटों के लिए।
दोनों को साथ रखने पर आपके पास ऐसा ठिकाना होता है जो कार्ड, वेबसाइट और काग़ज़ पर पक्का दिखता है, और ज़रूरत पड़ने पर ग्राहक को बैठाने की जगह भी मिल जाती है। किराया उसी का लगता है जो आप सच में इस्तेमाल करें।
Wibes की वेबसाइट पर सूरत में वर्चुअल ऑफिस और मीटिंग रूम, दोनों अलग-अलग सेवाओं के रूप में दिखाए गए हैं, और घंटे के हिसाब से बुकिंग सुविधाओं की सूची में है। प्लान में क्या-क्या शामिल है, यह वर्चुअल ऑफिस को लेकर फैली कुछ आम धारणाएँ ग़लत निकलती हैं, उनके लिए वाला लेख देखें।
ठीक बैठता है अगर आप:
कम ठीक बैठता है अगर:
यह सिर्फ़ एक मोटा पैमाना है, कोई आँकड़ा या ऑफ़र नहीं:
| आप कितनी बार मिलते हैं | सामान्य तौर पर ठीक विकल्प | ध्यान रखें |
|---|---|---|
| महीने में 1 से 3 बार | वर्चुअल ऑफिस + घंटे का मीटिंग रूम | रूम की उपलब्धता पहले से पूछें |
| हफ़्ते में 2 से 3 दिन बैठना है | फ्लेक्सी डेस्क या डे पास | रोज़ की सीट की गारंटी नहीं होती [CONFIRM WITH CLIENT: Wibes की फ्लेक्सी डेस्क की शर्तें] |
| लगभग रोज़ बैठना है | डेडिकेटेड डेस्क | कारोबार रोज़ चलता हो तो यही सहज रहता है |
| बस एक-दो मुलाक़ात, पता नहीं चाहिए | सिर्फ़ मीटिंग रूम | पता अलग से सँभालना पड़ेगा |
अपनी पिछले तीन महीनों की मुलाक़ातें गिन लें। अगर ज़्यादातर महीनों में तीन से कम निकलें, तो पहली पंक्ति वाला रास्ता आज़माने लायक़ है।
यह छोटी चेकलिस्ट फ़ोन पर या बुकिंग से पहले साथ रख लें:
मान लीजिए एक सलाहकार सूरत के कपड़ा कारोबारियों को खाते और ख़रीद-बिक्री की योजना में मदद करता है। ज़्यादातर काम वह क्लाइंट की दुकान या गोदाम पर जाकर करता है। महीने में एक-दो बार बाहर से कोई ख़रीदार या एजेंट शहर आता है और बैठकर बात करना चाहता है।
पहले वह घर पर बुलाता था या किसी कैफ़े में बैठता था, जहाँ शोर में काग़ज़ दिखाना मुश्किल होता था। अब वह कार्ड और बिल पर वर्चुअल ऑफिस का पता रखता है, और जिस दिन बाहर के लोग आते हैं, उसी दिन दो-तीन मुलाक़ातें लगातार रखकर मीटिंग रूम बुक कर लेता है। बाक़ी दिन उसे किसी डेस्क का किराया नहीं देना पड़ता।
यह एक उदाहरण भर है, किसी असली ग्राहक की कहानी नहीं।
जब ग्राहक दूसरे शहर से ट्रेन या बस से आता है, तो उसके लिए सबसे बड़ी बात यह होती है कि मुलाक़ात की जगह ढूँढने में समय न जाए। Wibes की वेबसाइट के अनुसार यह जगह सूरत रेलवे स्टेशन से लगभग 1 किमी और बस स्टेशन से लगभग 800 मीटर दूर है।
इसका मतलब यह है कि बाहर से आने वाला व्यक्ति सुबह आकर बैठक कर सकता है और उसी दिन लौट भी सकता है। ऐसी मुलाक़ातें लंबे समय में नए काम का रास्ता भी खोलती हैं, इसलिए [[LINK:HIN-069|नेटवर्किंग से क्लाइंट]] कैसे मिलते हैं, यह भी समझना फ़ायदेमंद रहेगा।
1. क्या वर्चुअल ऑफिस के साथ मीटिंग रूम अपने आप मिल जाता है?
ज़रूरी नहीं। कई जगहों पर मीटिंग रूम अलग सेवा होती है और उसका अलग से बुकिंग करना पड़ता है। Wibes की वेबसाइट पर दोनों अलग सेवाएँ हैं। प्लान में मीटिंग रूम के घंटे शामिल हैं या नहीं, यह बुकिंग से पहले पूछ लें।
2. क्या मीटिंग रूम घंटे के हिसाब से मिल सकता है?
Wibes की वेबसाइट पर घंटे के हिसाब से बुकिंग सुविधाओं में गिनाई गई है। दर, न्यूनतम घंटे और बुकिंग का समय अभी वेबसाइट पर साफ़ नहीं है, इसलिए बुकिंग से पहले सीधे पूछ लें।
3. कभी-कभार मिलने वालों के लिए डेस्क लेना बेहतर है या यह तरीक़ा?
महीने में कुछ ही मुलाक़ातें हों तो वर्चुअल ऑफिस और घंटे का मीटिंग रूम आम तौर पर ज़्यादा हल्का रास्ता है। अगर आप हफ़्ते में कई दिन बैठते हैं या टीम साथ काम करती है, तो फ्लेक्सी या डेडिकेटेड डेस्क ज़्यादा सहज रहता है।
4. क्या वर्चुअल ऑफिस का पता GST या कंपनी रजिस्ट्रेशन में चल जाएगा?
इसका एक सीधा जवाब नहीं दिया जा सकता, क्योंकि नियम और माँगे जाने वाले दस्तावेज़ बदलते रहते हैं। अपने CA या वकील से पूछें और Wibes से लिखित में पूछ लें कि वे पते के लिए कौन से दस्तावेज़ देते हैं।
5. ग्राहक को मुलाक़ात के लिए कौन सा पता भेजना चाहिए?
ग्राहक को वही पता भेजें जहाँ मीटिंग रूम है। Wibes का पता है: 9th Floor, APMC Krushi Bazaar, 901 to 910, Ring Rd, beside North Extension, Sahara Darwaja, Begampura, Surat 395003। साथ में 9वीं मंज़िल और पास का लैंडमार्क लिख दें।
वर्चुअल ऑफिस मीटिंग रूम का मेल क्या है और किसके काम आता है? सूरत में कभी-कभार ग्राहक से मिलने का सीधा तरीक़ा जानें। फ़्री ट्रायल बुक करें।